ChatGPT से सामूहिक नकल का बड़ा खुलासा: उत्तरपुस्तिका में मिला ‘वीडियो लिंक’, सागर विश्वविद्यालय ने रोका पूरे कॉलेज का रिजल्ट

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मध्य प्रदेश के डॉ. हरी सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर में परीक्षा मूल्यांकन के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। मूल्यांकन के समय उत्तरपुस्तिकाओं में मिले कुछ असामान्य संकेतों के बाद जांच शुरू की गई, जिसमें एक निजी कॉलेज के कई विद्यार्थियों द्वारा एक जैसे उत्तर लिखे जाने की आशंका जताई गई। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि उत्तर तैयार करने के लिए ChatGPT जैसे एआई टूल का उपयोग किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेज के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए हैं और विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

उत्तरपुस्तिका में मिले सुराग से खुला मामला

जानकारी के अनुसार, मई 2026 में आयोजित स्नातक द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर की परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं का केंद्रीय मूल्यांकन चल रहा था। इसी दौरान अर्थशास्त्र विषय की एक कॉपी में उत्तर समाप्त होने के बाद “वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें” जैसा संदेश लिखा मिला। इस असामान्य टिप्पणी ने परीक्षक का ध्यान खींचा, जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक को दी। इसके बाद संबंधित कॉलेज की अन्य उत्तरपुस्तिकाओं की भी गहन जांच कराई गई।

जांच के दौरान यह पाया गया कि कई विद्यार्थियों के उत्तरों की भाषा, शैली और प्रस्तुति लगभग एक जैसी थी। प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका जताई गई कि उत्तर किसी एआई टूल की सहायता से तैयार किए गए या उनकी नकल की गई। मामला केवल एक विषय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तीन अलग-अलग विषयों में भी इसी तरह के पैटर्न सामने आए।

कॉलेज के सभी परिणाम रोके गए, जांच समिति गठित

मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छिंदवाड़ा जिले के सौंसर स्थित सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी के सभी विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम अस्थायी रूप से रोक दिए हैं। जबकि विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध अन्य महाविद्यालयों के परिणाम पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। साथ ही कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद यह तय किया जाएगा कि विद्यार्थियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर दोबारा परीक्षा आयोजित कराने सहित अन्य अनुशासनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

एआई के बढ़ते उपयोग पर उठे सवाल

इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग और उसके दुरुपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई टूल पढ़ाई और शोध में सहायक हो सकते हैं, लेकिन यदि उनका इस्तेमाल परीक्षा में अनुचित तरीके से किया जाता है तो यह शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए विश्वविद्यालयों को मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली को समय के साथ और अधिक तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

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