बारामती। महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट को आधुनिक और ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। एयरपोर्ट के विकास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना तैयार की गई है। प्रस्ताव को महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) से मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे उच्चस्तरीय समिति की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। प्रस्तावित परियोजना में एयर ट्रैफिक कंट्रोल, अग्निशमन व्यवस्था, रनवे सुधार और एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़ी कई सुविधाओं को शामिल किया गया है।
विमान हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे थे सवाल
बारामती एयरपोर्ट उस समय चर्चा में आया था जब 28 जनवरी को एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना का शिकार हुआ था। विमान मुंबई से बारामती जा रहा था और लैंडिंग के प्रयास के दौरान हादसा हुआ, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के दौरान स्थानीय स्तर पर तत्काल अग्निशमन सहायता उपलब्ध नहीं होने के कारण नगर परिषद से दमकल वाहन मंगाना पड़ा था।
रनवे और एयरपोर्ट सुरक्षा में होंगे बड़े बदलाव
सरकार की प्रस्तावित योजना में एयरपोर्ट के रनवे और आसपास के क्षेत्र को ज्यादा सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। रनवे पर नई सतह बिछाने के साथ दोनों सिरों पर करीब 90 मीटर का सुरक्षा क्षेत्र विकसित करने की योजना है, ताकि विमान के रनवे से आगे निकलने जैसी स्थिति में जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा रनवे की ग्रेडिंग, बारिश के पानी की निकासी, विंडसॉक, एज लाइट और PAPI लाइट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। PAPI सिस्टम पायलट को लैंडिंग के दौरान विमान की ऊंचाई और सही एप्रोच एंगल बनाए रखने में मदद करता है।
बनेगा ATC टावर और फायर स्टेशन
प्रस्ताव में एयरपोर्ट के लिए नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और अग्निशमन केंद्र बनाने की योजना भी शामिल है। मौजूदा व्यवस्था को लेकर यह बात सामने आई थी कि एयरपोर्ट पर नियमित ATC स्टाफ की कमी है। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए समर्पित दमकल व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं थी। नए फायर स्टेशन के बनने से विमान संबंधी दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किए जा सकेंगे।
चारदीवारी से रोका जाएगा जानवरों का प्रवेश
बारामती एयरपोर्ट की एक बड़ी समस्या एयरपोर्ट परिसर में आवारा पशुओं और कुत्तों के प्रवेश को लेकर भी बताई गई है। प्रस्तावित योजना में करीब 8 किलोमीटर लंबी चारदीवारी बनाने के साथ अंदरूनी परिधि सड़क विकसित करने की बात है। इससे रनवे और एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिल सकती है और बाहरी जानवरों के प्रवेश का खतरा कम होगा।
मौसम संबंधी सुविधाओं को लेकर अभी भी सवाल
एयरपोर्ट के प्रस्तावित आधुनिकीकरण के बावजूद कुछ सुविधाओं को लेकर सवाल बने हुए हैं। फिलहाल बारामती में अलग मौसम विभाग की व्यवस्था नहीं है और मौसम संबंधी जानकारी के लिए पुणे एयरपोर्ट पर निर्भरता बताई गई है। वहीं प्रस्तावित योजना में समर्पित मौसम केंद्र का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और नाइट लैंडिंग सिस्टम को भी मौजूदा योजना में शामिल नहीं किया गया है।
एयरपोर्ट को बेहतर बनाने की लंबे समय से थी जरूरत
बारामती एयरपोर्ट का इस्तेमाल अब तक मुख्य रूप से वीआईपी उड़ानों, सरकारी अधिकारियों और कारोबार से जुड़े लोगों द्वारा किया जाता रहा है। यहां दो निजी फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल भी संचालित होते हैं। एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण की योजना से रनवे, सुरक्षा, संचार और आपातकालीन सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि काम कब शुरू होगा और पूरी परियोजना को पूरा करने की समयसीमा क्या होगी।










