स्वतंत्रता दिवस 2026: लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की अपील; बोले- युवाओं को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश

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नई दिल्ली। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। ध्वजारोहण के बाद समारोह स्थल पर राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता, युवाओं की भूमिका और देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से बात की।

तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया पूरा देश

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज देश के हर हिस्से में राष्ट्रभक्ति का उत्साह दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, संकल्प और गौरव का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के मुताबिक आज हर घर और हर मन में देश के प्रति गर्व की भावना दिखाई दे रही है। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ को देश की राष्ट्रीय चेतना से जोड़ते हुए कहा कि यह भावना भारत की एकता और शक्ति को दर्शाती है।

‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर पीएम मोदी की चेतावनी

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने एक खास तरह की चुनौती को लेकर चिंता जताई। उन्होंने ‘दिमागी नक्सलियों’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कुछ लोग हिंसा और अराजकता की मानसिकता को बढ़ावा देने तथा समाज को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ऐसी सोच और गतिविधियों को पहचानने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को ऐसी विचारधाराओं से दूर रखते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

आत्मनिर्भर भारत और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देश को केवल कुछ क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के बजाय पूरी तरह मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना होगा। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर अत्यधिक निर्भर न रहे और देश के भीतर ही उत्पादन, तकनीक तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जाए। उन्होंने भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और इनोवेशन को भी देश की ताकत बताया।

कच्चे तेल की निर्भरता पर उठाए सवाल

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र का जिक्र करते हुए भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में लंबे समय की रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा। अपने संबोधन में उन्होंने समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज से जुड़े पुराने प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया और बताया कि जिन क्षेत्रों को पहले खोज के लिहाज से सीमित माना जाता था, वहां अब नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता घटाना बताया गया।

युवाओं को विकास की यात्रा से जोड़ने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने देश की युवा आबादी को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब युवा अपनी प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान और नए विचारों के साथ देश की प्रगति में योगदान दें। उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता, तकनीक और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए बड़े लक्ष्य तय करना और उन्हें हासिल करने के लिए मजबूत संकल्प के साथ काम करना जरूरी है।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में कई स्तरों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए। समारोह में शामिल होने वाले लोगों की जांच के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की निगरानी भी बढ़ाई गई। स्वतंत्रता दिवस के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां कीं।

विकास और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके सपनों और उन्हें पूरा करने की क्षमता से तय होती है। उन्होंने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दीर्घकालिक सोच, मजबूत संकल्प और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री का संदेश देश को विकास, आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और राष्ट्रीय एकता की दिशा में आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा।

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