17 अगस्त से दोबारा शुरू होगा खाद वितरण
कृषि विभाग के मुताबिक खाद की बिक्री पर लगाया गया यह विराम स्थायी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि 17 अगस्त से खाद का वितरण फिर शुरू कर दिया जाएगा। विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और इस प्रक्रिया के कारण किसानों को लंबे समय तक परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा 20 अगस्त से ‘हर किसान, हर घर, हर खेत खाद’ अभियान शुरू करने की तैयारी है। इस अभियान के जरिए रबी सीजन के लिए जरूरी खाद की उपलब्धता को पहले से व्यवस्थित करने पर जोर दिया जाएगा।
यूरिया, DAP और NPK का कितना स्टॉक मौजूद?
कृषि विभाग के सचिव के अनुसार, प्रदेश में इस समय उर्वरकों का भंडार पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। एक अप्रैल से अब तक करीब 17.04 लाख टन यूरिया उपलब्ध हुआ, जिसमें से 12.83 लाख टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। वर्तमान में करीब 4.21 लाख टन यूरिया उपलब्ध बताया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय लगभग 1.60 लाख टन यूरिया उपलब्ध था।
इसी तरह DAP और NPK को मिलाकर एक अप्रैल से अब तक करीब 11.20 लाख टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 7.09 लाख टन किसानों द्वारा उठाया जा चुका है। मौजूदा समय में करीब 4.10 लाख टन DAP और NPK उपलब्ध है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 3 लाख टन था। वहीं SSP की बात करें तो एक अप्रैल से अब तक करीब 6.78 लाख टन उपलब्धता रही है, जिसमें से 3.61 लाख टन का उठाव हो चुका है और लगभग 3.17 लाख टन SSP अभी उपलब्ध है।
किसानों को क्यों नहीं होगी बड़ी परेशानी?
खाद बिक्री पर अस्थायी रोक का मुख्य उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड और विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान करना बताया गया है। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद वितरण व्यवस्था को फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। साथ ही रबी सीजन को देखते हुए खाद की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि किसानों को जरूरत के समय उर्वरक की कमी का सामना न करना पड़े। विभाग ने उपलब्ध स्टॉक के आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में पर्याप्त खाद होने की बात कही है।










