जबलपुर। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच जबलपुर के बरगी बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना के तहत बरगी बांध के नौ जलद्वार मंगलवार को पहली बार खोले गए। बांध प्रबंधन के अनुसार गेटों को औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
1620 क्यूमेक पानी की आवक, जलस्तर 420.80 मीटर
बरगी बांध में फिलहाल करीब 1620 क्यूमेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है। बांध का मौजूदा जलस्तर 420.80 मीटर बताया गया है, जबकि इसका पूर्ण जलभराव स्तर 422.76 मीटर है। बांध की उपयोगी जल क्षमता करीब 84.08 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। अमरकंटक, डिंडौरी और मंडला सहित जलग्रहण क्षेत्र में लगातार पानी आने के कारण बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गेट खोलने का फैसला लिया गया।
नर्मदा के घाटों पर बढ़ेगा पानी, प्रशासन ने किया सतर्क
बरगी बांध से पानी छोड़े जाने का असर नर्मदा के आसपास के इलाकों में भी दिखाई देगा। गौरीघाट और तिलवाराघाट समेत कई घाटों पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक नर्मदा के घाटों पर करीब 3 से 4 फीट तक पानी बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और जलधारा से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की है।
पानी की आवक के हिसाब से बदली जा सकती है निकासी
बांध प्रबंधन के मुताबिक जलग्रहण क्षेत्र में बारिश और पानी की आवक की स्थिति को लगातार देखा जा रहा है। परिस्थितियों के अनुसार बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा को कभी भी कम या ज्यादा किया जा सकता है। इसलिए नर्मदा के किनारे बसे क्षेत्रों और घाटों पर लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।










