सर्वर पर बढ़ते दबाव के बाद ई-अटेंडेंस सिस्टम में बदलाव
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। एक साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों के ई-अटेंडेंस ऐप पर लॉग-इन करने से सर्वर पर दबाव बढ़ने और तकनीकी परेशानी आने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने नया कैप्चा सिस्टम लागू किया है। अब शिक्षक ऐप के माध्यम से हाजिरी दर्ज करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई देने वाले एक आसान गणितीय सवाल का जवाब देंगे। सही उत्तर देने के बाद ही उनकी उपस्थिति दर्ज हो सकेगी।
जोड़-घटाव का जवाब देना होगा, तभी मान्य होगी हाजिरी
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक जब ई-अटेंडेंस ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे, तब उन्हें स्क्रीन पर साधारण जोड़-घटाव से जुड़ा सवाल दिखाई देगा। शिक्षक को उसका सही उत्तर दर्ज करना होगा। इसके बाद ही अटेंडेंस की प्रक्रिया पूरी होगी। विभाग का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए एक ही समय पर बड़ी संख्या में होने वाले लॉग-इन को व्यवस्थित करना और ऐप के सर्वर पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करना है। प्रदेश में बड़ी संख्या में नियमित और अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस व्यवस्था का उपयोग कर रहे हैं।
शिक्षकों को 15 मिनट का ग्रेस पीरियड
नई गाइडलाइन में शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट की सुविधा भी दी गई है। पहली शिफ्ट में सुबह 10:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट में शाम 4:15 बजे तक अटेंडेंस दर्ज करने पर इस अतिरिक्त समय का लाभ मिलेगा। किसी उचित कारण से स्कूल पहुंचने में देरी होने पर शिक्षक प्राचार्य को WhatsApp के माध्यम से इसकी जानकारी दे सकेंगे। हालांकि, ग्रेस पीरियड को रोजाना देर से आने की सामान्य सुविधा के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
सर्वर की क्षमता बढ़ाने पर भी दिया गया जोर
ई-अटेंडेंस व्यवस्था में पहले बड़ी संख्या में शिक्षक एक साथ सिस्टम से लॉग-आउट करते थे, जिसके कारण सर्वर पर अतिरिक्त दबाव आने की समस्या सामने आई थी। एक समय में करीब पौने दो लाख शिक्षकों के लॉग-आउट करने से तकनीकी दिक्कत की स्थिति बनी थी। अब विभाग ने सर्वर की क्षमता बढ़ाने के साथ कैप्चा व्यवस्था लागू की है, ताकि एक साथ होने वाली गतिविधियों को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
शिक्षा विभाग के आयुक्त ने भी शुरू की ई-अटेंडेंस
लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने भी ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अपनाते हुए स्वयं ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना शुरू किया है। उन्होंने कार्यालय पहुंचकर ई-अटेंडेंस लगाई और इसे नियमित रूप से जारी रखने की बात कही। विभाग का मानना है कि शिक्षक यदि निर्धारित समय पर स्कूल में मौजूद रहकर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे, तो इसका सकारात्मक असर पढ़ाई की गुणवत्ता और छात्रों के परीक्षा परिणामों पर भी पड़ सकता है।










