भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर तेज हुआ है और कई जिलों में बुधवार को अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। गुरुवार को पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में भारी वर्षा को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य कई जिलों के लिए येलो अलर्ट रखा गया है।
23 अगस्त तक बारिश का दौर रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ का असर भी मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों पर पड़ रहा है। इसी वजह से प्रदेश में बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है और 23 अगस्त तक कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में हुई अच्छी बारिश
बुधवार को छतरपुर के नौगांव में सबसे ज्यादा 45 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि खजुराहो में 33 मिलीमीटर पानी बरसा। मंडला में 35 मिलीमीटर, मलाजखंड में 16 मिलीमीटर और जबलपुर में 8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सीधी और टीकमगढ़ में भी 7-7 मिलीमीटर वर्षा हुई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट
गुरुवार को पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट रहने की जानकारी दी गई है। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव और तेज बारिश के दौरान सतर्क रहने की जरूरत होगी।
बादलों और बारिश से तापमान में भी गिरावट
बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य या सामान्य से कम दर्ज किया गया। राजगढ़, रतलाम और उज्जैन को छोड़कर अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिली। वहीं न्यूनतम तापमान भी टीकमगढ़ और उमरिया को छोड़कर बाकी जिलों में सामान्य से नीचे रहा।
मौसम का असर
अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम सुहावना बना रह सकता है, लेकिन भारी वर्षा वाले जिलों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसलिए ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी रहेगा।










