भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कामकाज की व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को सरकारी दफ्तरों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ जनता से जुड़े कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागों से जुड़े कुल 21 प्रमुख विषयों की समीक्षा की गई।
सरकारी दफ्तरों में अब बायोमैट्रिक हाजिरी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रालय के साथ-साथ विंध्याचल और सतपुड़ा भवन तथा प्रदेश के जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय पहुंचने के समय तथा उनके कामकाज की नियमित निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों से संबंधित मामलों में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समय के भीतर काम पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि नागरिकों से सीधे जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। कार्यालयों में समय पर उपस्थिति के साथ काम की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर ध्यान देने की जरूरत है।
जनविश्वास अभियान को लेकर भी निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन सप्ताह से चल रहे साप्ताहिक शिविरों और संवाद कार्यक्रमों से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी त्योहार या अन्य कारण से शुक्रवार को शिविर या संवाद कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाता है, तो उसे अगले दिन शनिवार को आयोजित किया जाए, ताकि अभियान की निरंतरता बनी रहे और आम लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।
ग्रामीण आबादी को पट्टे देने की प्रक्रिया तेज होगी
ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार ने तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने और निश्शुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके लिए राजस्व विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराकर उनके अधिकारों को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने नर्मदा समग्र मिशन के तहत आवश्यक प्रक्रियाओं को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गुजरात के सूरत जल भंडारण मॉडल की तर्ज पर प्रदेश में जल संरक्षण और संबंधित अभियानों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर फोकस
समीक्षा बैठक में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। चित्रकूट के कामदगिरी परिक्रमा मार्ग, सती अनसूइया मंदिर, गुप्त गोदावरी और अन्य धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार की योजना को गति देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही ममलेश्वर मंदिर परिसर के विकास तथा भगवान श्रीराम वनगमन पथ से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों को बेहतर पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर भी सरकार का ध्यान है। दतिया, ओरछा और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के साथ भगवान श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाओं पर भी काम करने को कहा गया।
पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
गृह विभाग की समीक्षा के दौरान प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। विभिन्न मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए होमगार्ड के पदों के सृजन और नियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों पर काम करने के निर्देश दिए गए। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की क्षमता बढ़ाने तथा विशेष सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में विशेष जनजातीय वर्गों के लिए भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की क्षमता बढ़ाने और मध्य प्रदेश में एक द्रुतगति बल के गठन से संबंधित प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
समयबद्ध कामकाज को लेकर सरकार का सख्त रुख
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति के साथ-साथ काम के समय पर निपटारे पर भी निगरानी बढ़ाना चाहती है। बायोमैट्रिक हाजिरी, जनविश्वास अभियान, ग्रामीण संपत्ति के अधिकार, पर्यटन विकास और पुलिस व्यवस्था जैसे विषयों पर लिए गए फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और जनता से जुड़े कामों को तेजी से पूरा करना है।










