इस साल केवल एक बार आयोजित होगी TET परीक्षा
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच अब विभाग की ओर से स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आयुक्त ने मंगलवार को शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में बताया कि 2026 में शिक्षक पात्रता परीक्षा एक ही बार आयोजित की जाएगी और इसे 31 दिसंबर से पहले कराने की तैयारी है। करीब 1.5 लाख शिक्षकों से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी में है।
परीक्षा कराने के लिए नई एजेंसी की तलाश
बैठक के दौरान सामने आया कि कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने ऑफलाइन माध्यम से परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग अब किसी दूसरी एजेंसी के जरिए ऑफलाइन TET कराने के विकल्प पर विचार कर रहा है। माध्यमिक शिक्षा मंडल से परीक्षा आयोजित कराने की संभावना भी सामने आई है, हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। विभाग की ओर से कहा गया है कि परीक्षा की एजेंसी और प्रक्रिया तय होने के बाद अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी लिखित रूप में दी जाएगी।
सीनियरिटी को लेकर शिक्षकों की चिंता पर स्थिति स्पष्ट
शिक्षकों के बीच परीक्षा देने से वरिष्ठता प्रभावित होने को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। बैठक में विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि TET में शामिल होने से किसी शिक्षक की सीनियरिटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परीक्षा का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में किया जा रहा है। किन शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी और किन वर्गों को इससे छूट मिलेगी, इसकी स्पष्ट जानकारी भी विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद सामने आएगी।
शिक्षक संगठनों ने परीक्षा का किया विरोध
शिक्षकों के संयुक्त मोर्चे ने TET परीक्षा को लेकर अपनी असहमति जाहिर की है। मोर्चे में शामिल संगठनों का कहना है कि 2010 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। ट्राइबल टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने कहा कि संगठन परीक्षा का विरोध कर रहा है और ऐसे शिक्षकों से परीक्षा में शामिल नहीं होने की अपील की गई है।
पुरानी नियुक्तियों और परीक्षा फीस पर भी अहम जानकारी
बैठक में यह भी बताया गया कि यदि परीक्षा किसी नई एजेंसी के माध्यम से कराई जाती है तो ESB द्वारा ली गई परीक्षा फीस को संबंधित नई एजेंसी में स्थानांतरित किया जाएगा। वहीं वर्ष 2005 और 2008 में मध्य प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया के जरिए नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत देने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले के निर्णय का भी इंतजार है। विभाग की ओर से इस मामले में जल्द फैसला आने के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही गई है।










