मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय उपचुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के कई नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्रों में प्रस्तावित उपचुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। आयोग ने यह फैसला संबंधित जिलों के कलेक्टरों से मिली रिपोर्ट के आधार पर लिया है। रिपोर्ट में कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों को चुनाव कराने में चुनौती बताया गया था।
सुसनेर में तय कार्यक्रम के अनुसार होगा चुनाव
आयोग ने आगर मालवा जिले की नगर परिषद सुसनेर के अध्यक्ष पद के उपचुनाव को स्थगित नहीं किया है। यहां चुनाव प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी। इसके पीछे हाई कोर्ट के निर्देश प्रमुख कारण हैं। सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यहां 29 सितंबर को मतदान कराया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायतों के उपचुनाव के कार्यक्रम में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इंदौर समेत इन निकायों में चुनाव स्थगित
राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले का असर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और स्थानीय निकायों पर पड़ा है। इंदौर नगर निगम के वार्ड 58 और 60, ग्वालियर नगर निगम के वार्ड 5 और सागर नगर निगम के वार्ड 11 के पार्षद पद के चुनाव फिलहाल टाल दिए गए हैं। इनके अलावा टीकमगढ़ नगरपालिका परिषद, कुक्षी नगर परिषद के अध्यक्ष पद तथा कटनी, खंडवा और दमोह सहित कई निकायों के अलग-अलग वार्डों के उपचुनाव भी स्थगित किए गए हैं।
इसके साथ ही इटारसी के वार्ड 30, मुलताई के वार्ड 4, दतिया के वार्ड 1, कोतमा के वार्ड 13, आष्टा के वार्ड 4 और विदिशा के वार्ड 26 में होने वाले पार्षद पद के उपचुनाव भी फिलहाल नहीं होंगे। नगर परिषद फूफ, चाकघाट, लोहारदा, कोटर, जैतवारा, सिलवानी, बड़ौदा, बरघाट, कसरावद, पिपलिया मंडी और निवाली बुजुर्ग समेत अन्य निकायों के संबंधित वार्डों में होने वाला चुनाव भी स्थगित किया गया है।
नया चुनाव कार्यक्रम बाद में होगा जारी
उपचुनाव स्थगित होने के बाद अब इन निकायों के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा। आयोग के अनुसार नई तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी। फिलहाल सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष और त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए निर्धारित चुनाव कार्यक्रम जारी रहेगा। यानी जिन क्षेत्रों में चुनाव स्थगित किए गए हैं, वहां उम्मीदवारों और मतदाताओं को नए कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।










