इंदौर। वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की टीम ने इंदौर में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग प्रजातियों के 30 कछुए बरामद किए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दोनों युवक इन कछुओं को बेचने के लिए संभावित खरीदारों से संपर्क कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद टीम ने निगरानी बढ़ाई और कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।
सूचना के बाद टीम ने बनाई कार्रवाई की योजना
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़ी गतिविधि की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने टीम बनाकर संदिग्धों पर नजर रखी। कार्रवाई के दौरान दोनों युवकों को कछुओं के साथ पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि उनके पास मौजूद कछुए विभिन्न प्रजातियों के थे। वन विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि कछुओं को कहां से लाया गया था और इन्हें आगे किन लोगों को बेचने की तैयारी थी।
एक आरोपी ग्राहक तलाशता था, दूसरा पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालता था
जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवकों में केशव शर्मा पर कछुओं के लिए खरीदार तलाशने और उनसे संपर्क करने की जिम्मेदारी होने की बात सामने आई है। वहीं रोहन गौड कथित तौर पर वन्यजीवों को ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करता था। दोनों के बीच अलग-अलग जिम्मेदारियां बंटी होने की आशंका है। टीम अब इस मामले में इनके संपर्कों और संभावित खरीदारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
30 कछुए बरामद, दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
कार्रवाई के दौरान टीम ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 30 कछुए जब्त किए। बरामद वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि कछुओं की तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें इनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।










